भारत की महिलाओं-युवाओं के विकास के लिए यूनिसेफ और ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मिलाया हाथ
भारत की महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने और इसके विकास के मकसद से ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) और यूनिसेफ युवाह (Unicef YuWaah) ने हाथ मिलाया है। इस पहल के तहत कई सारे काम किए जाएंगे और महिलाओं-युवाओं की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्हें कौशल आर्थिक और सामाजिक अवसरों के साथ जोड़ा जाएगा। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) और यूनिसेफ युवाह (Unicef YuWaah) भारत के युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हाथ मिलाया है। इस कोलेबोरेशन का मकसद युवाओं और महिलाओं के कौशल, आर्थिक और सामाजिक अवसरों से जोड़कर सशक्त बनाना है। इस बारे में जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि इसके लिए एक स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (SOI) साइन किया गया है।
इस तीन साल की पार्टनरशिप के जरिए, यूनिसेफ युवाह और एमओआरडी पहले से राष्ट्रीय और राज्यीय स्तर पर चल रही पहलों पर काम करेंगे ताकि कौशल, आर्थिक अवसरों और सामाजिक प्रभाव के लिए स्केलेबल समाधानों का सह-निर्माण किया जा सके, जिसमें कमजोर आबादी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस पार्टनरशिप के जरिए मुख्य रूप से ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश की एसएचजी महिलाओं और उनके परिवार की महिला सदस्यों (18-29 वर्ष) को नौकरियों, स्वरोजगार, उद्यमिता और कौशल से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम किया जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी टीके अनिल कुमार ने कहा, "यह पार्टनरशिप बहुत ही सही समय पर आई है, क्योंकि यह बजट 2025-26 में घोषित रूरल प्रोस्पेरिटी और रेजिलिएंस प्रोग्राम के मुताबिक है। यह खासतौर से महत्वपूर्ण है, क्योंकि 10 करोड़ एसएचजी सदस्यों में से लगभग एक तिहाई युवा हैं, जो इस पहल में मुख्य भूमिका निभाएंगे।"
यूनिसेफ इंडिया की डिप्टी रिप्रेजेंटिव ऑपरेश्न्स, शारदा थापलिया ने कहा, “डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कौशल विकास के रास्ते को बढ़ाने और इंटरप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देने से, इस पार्टशिप में स्थायी आजीविका बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बदलने की क्षमता है। युवाओं और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में निवेश करना सिर्फ व्यक्तिगत प्रगति ही नहीं है, बल्कि यह समुदाय और राष्ट्रीय स्तर पर विकास को भी बढ़ावा देने के बारे में है।”
यह पहल युवा हब जैसी नवीन सुविधाओं को एकीकृत करेगा, जो नौकरियों, कौशल और वॉलंटियरिंग के लिए एक एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म है। साथ ही इसके जरिए वुमन इंटरप्रिन्योर के लिए सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप 2,500 ‘लखपति दीदी’ बनाने के लिए स्केलेबल मॉडल का परीक्षण किया जाएगा। सफल होने पर, यह मॉडल 7,000 से ज्यादा ब्लॉक्स में 3.5 मिलियन महिलाओं तक पहुंच सकता है। डिजिटल और इंटरप्रीन्योरशिप के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, पंचायत स्तर पर महिलाओं द्वारा संचालित 100 ‘कंप्यूटर दीदी केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे।
युवा महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल
चिल्ड्रेन्स इन्वेस्टमेंट फंड फाउंडेशन द्वारा समर्थित डिजिटल गर्ल्स हब (डीजीएच) पहल, युवा हब और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर युवा महिलाओं के लिए स्किल्स और रोजगार को बढ़ाएगी।
‘दीदी की दुकान’: रिटेल स्टोर खुलेंगेआर्थिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए, पांच ब्लॉक्स में 250 ‘दीदी की दुकान’ रिटेल स्टोर स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय उत्पादकों को व्यापक बाजारों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और ऑनलाइन उपस्थिति प्रदान करेंगे।
कम्युनिटी मैनेजमेंट ट्रेनिंग सेंटर (CMTCs) आवासीय प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, जबकि यह पहल ग्रामीण रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के लिए सीएलएफ/एसएचजी नेटवर्क और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करेगी। यूनिसेफ युवाह के साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय की साझेदारी ग्रामीण युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं को फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए जरूरी स्किल्स और रिसोर्स के साथ सशक्त बनाकर विकास को बढ़ावा देने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करती है। स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट में बताई गई पहलों में स्थायी आजीविका के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल बनने की क्षमता है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि भारत की महिलाएं देश के आर्थिक विकास में आगे बढ़ें।
यूनिसेफ युवाह के बारे मेंयूएन यूथ पॉलिसी 2030 के हिस्से के रूप में, यूएन सेक्रेटरी- जनरल ने साल 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूनिसेफ के ग्लोबल जनरेशन अनलिमिटेड (जेनयू) आंदोलन की शुरुआत की। यह पहल सीखने, कौशल विकास, रोजगार और जुड़ाव के अवसरों का विस्तार करके 10-24 वर्ष की आयु के युवाओं की जरूरतों को पूरा करती है।
जनरेशन अनलिमिटेड का भारत अध्याय, जिसे युवाह के नाम से जाना जाता है, नवंबर 2019 में लॉन्च किया गया था। साल 2030 तक, यूनिसेफ में युवाह का लक्ष्य है:
100 मिलियन युवाओं के लिए सामाजिक-आर्थिक अवसरों तक पहुंचने के लिए मार्ग बनाना। 200 मिलियन युवाओं को उत्पादक जीवन और काम के भविष्य के लिए प्रासंगिक कौशल हासिल करने में सक्षम बनाना। परिवर्तन-निर्माता के रूप में 300 मिलियन युवाओं के साथ भागीदारी करना, उन्हें अपने नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए स्थान प्रदान करना।
साल 2019 में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा लॉन्च किए गए YuWaah को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी समर्थन पत्र के रूप में प्रोत्साहन के मजबूत शब्द मिले। Instagram, Facebook और Twitter पर YuWaah को फॉलो करें। अधिक जानकारी के लिए www.yuwaah.org पर जाएं।
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